Bihar flood

Bihar Flood | Flood in Bihar 2020 | Bihar flood images |

Many Districts of Bihar have been affected by the Bihar Flood, Even the water level of the river Ganga is increasing rapidly in Patna. if it remains so, then it can soon cross the red mark and the problems of the people  will be increase.

In this article, we will throw light on some important information related to  Flood in Bihar such as geographical location of Bihar, which rivers flow in Bihar, how can we stop the Flood in Bihar.

Advertisement

बिहार:-

बिहार पूर्वी भारत का एक राज्य है। यह भारत में जनसंख्या के हिसाब से तीसरा तथा क्षेत्रफल के हिसाब से बारहवां सबसे बड़ा राज्य है |

Bihar का क्षेत्रफल 94,163 km2 (36,357 वर्ग मील) है। बिहार की सीमा उत्तर प्रदेश राज्य के साथ इसके पश्चिम में, उत्तर में नेपाल, पूर्व में पश्चिम बंगाल के उत्तरी भाग और झारखंड के साथ दक्षिण में लगती है।

बिहार का मैदानी भाग गंगा नदी से विभाजित है | जो पश्चिम दिशा से पूर्व दिशा की ओर बहती है।

समुद्र तल से औसत ऊंचाई 173 फीट (53 मीटर) है। यहाँ  उपजाऊ मैदान के एक विशाल खंड है |

जो गंगा नदी द्वारा असमान रूप से विभाजित है। बिहार के मध्य भागों में कुछ छोटी पहाड़ियाँ हैं, जैसे राजगीर पहाड़ियाँ।

राज्य में तीन मुख्य सांस्कृतिक क्षेत्र हैं: मगध, मिथिला और भोजपुर।

बिहार में मुखतः पांच भाषायें बोली जाती हैं –

1. भोजपुरी

2. मैथिली

3. अंगिका

4. मगही

5. वज्जिका

इस लेख में हम देखेंगे की बिहार राज्य में लगभग हर वर्ष आने वाली प्राकृतिक आपदा, बाढ़ वहाँ के जन-जीवन पर क्या प्रभाव डालती है | 

बाढ़ क्या है- What is Flood ?

यह एक ऐसी प्राकृतिक आपदा है जो आमतौर पर सूखी रहने वाली भूमि पर जल का एक अतिप्रवाह के कारण होता है।

मूल रूप से भारत में बढ़ का मुख्य कारण मानसून के समय आने वाली भारी बारिश होती है जिससे नदियों का जल स्तर अचानक से बढ़ जाता है |

कई अलग-अलग परिस्थितियां बाढ़ का कारण बन सकती हैं। यहां महज कुछ हैं:

  • भारी वर्षा
  • महासागरीय लहरों का तट पर आना, जैसे कि तूफान
  • बर्फ का पिघलना
  • बांध का टूटना, इत्यादि |

 Which River Causes Bihar flood ?

बिहार में बहने वाली नदियाँ:

बिहार राज्य में बाढ़ एक मुख्य समस्या है | इसका मुख्य कारण बिहार में बहने वाली नदियाँ है जो यूँ तो वर्ष भर शांत रहती है परन्तु बारिश के मौसम में ये अपने उफान पर होती है तथा भयंकर प्रलय मचाती हैं |

राज्य में मूलतः 21 मुख्य नदियाँ है तथा इन मुख्य नदियों से निकाल कर और भी बहुत सारी छोटी बड़ी नदियाँ भी बहती हैं |

      इन मुख्य नदियों के नाम कर्मशः निम्नलिखित हैं |

1.गंगा 2.घाघरा 3.गंडक 4बूढी गंडक 5.बागमती 6.कमला

7. महानंदा 8. सोन 9. कोशी 10. पुनपुन 11. फल्गु

12. कर्मनासा 13. काली गण्डकी 14. कनकी 15.मेची 16.किउल

17. दुर्गावती 18. मोहना 19. लखन्देइ 20.रतुआ 21.अजय

इन तमाम नदियों के अलावा भी इनसे निकल कर इनकी शाखाओं के रूप में कुछ नदियाँ बहती हैं, जिन्हें क्षेत्रीय लोगों द्वारा नाम दिए जाते हैं |

What are the Main Reasons Of Bihar Flood?

इस  राज्य में बाढ़ के मुख्य कारण:-

यह बाढ़ का मुख्य कारण नेपाल से आने वाली नदियाँ हैं | जिनमें बरसात के मौसम में पानी का स्तर बढ़ जाता है| बिहार में हर साल बाढ़ के कारण करोड़ों लोग प्रभावित होते हैं।

भारी संख्या में यहाँ जान-माल का नुकसान होता हैं। एक तरह से देखा जाये तो बाढ़ बिहार में ऐसी त्रासदी बन चुकी है, जो प्रतिवर्ष आती ही है।

इसी वजह से बिहार देश का का ऐसा राज्य है जहाँ सबसे ज्यादा बाढ़ प्रभावित इलाके मौजूद हैं।

हालाँकि यहाँ बाढ़ का मुख्य कारण यहाँ की भौगोलिक परिस्थितियों को माना भी जाता है। बिहार के उत्तरी भाग में स्थित नेपाल का पहाड़ी क्षेत्र है, जहाँ बारिश होने से नारायणी,बागमती और कोसी जैसी नदियों में जल का स्तर बढ़ जाता है।

ये नदियाँ बिहार से होकर गुजरती हैं, तथा बिहार के मैदानी इलाकों में बाढ़ का कारण बनती है।

     आपदा की विभीषिका:

यह आपदा पूर्वी उत्तर प्रदेश और उत्तरी बिहार के क्षेत्रों को प्रभावित करती है।  देश के कुल बाढ़ प्रभावित इलाकों में 16.5 प्रतिशत इलाका बिहार का है।

इस राज्य में बाढ़ से होने वाली विभीषिका का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है,कि बाढ़ से प्रभावित होने वाली देश की कुल आबादी में 22.1 प्रतिशत आबादी बिहार की है।

लेकिन बिहार को अभी तक बाढ़ से निजात नहीं मिल पाई है। जब नेपाल के ऊपरी भाग में बरसात होती है तो मैदानी भागों और बिहार राज्य में बाढ़ की स्थिति बनती है।

एक बड़ी खामी यह है कि नेपाल के ऊपरी इलाकों में भारी वर्षा की सूचना भारत में देर से मिलती है। समय से सूचना मिलने पर बचाव के काम पहले से किए जा सकते हैं।

कई बार अफवाहें भी हालात को बिगाड़ती हैं, इसलिए विश्वसनीय सूचना नेटवर्क को विकसित करने की जरुरत है।

 How to Control Bihar Flood? बाढ़ से बचने के उपाय:-

जानकारों का सुझाव है कि बाढ़ नियंत्रण के कार्यक्रम बनाते वक्त इन बातों पर जरूर गौर किया जाना चाहिए :-

  • बाढ़ नियंत्रण कार्यक्रम स्थानीय परिस्थितियों के मुताबिक हो|
  • इस पर जितनी लागत आये उसकी तुलना में उससे लाभ ज्यादा हो |
  • बाढ़ नियंत्रण के प्रतिकूल प्रभावों से बचा जाए।

इसके अलावा गाद नदियों की एक बड़ी समस्या बन गई है।

ज्यादातर गाद अपस्ट्रीम बेसिन इलाके से आती है। इसकी वजह से नदी का जल मार्ग भरने लगता है और नदी में पानी इकट्ठा होने की क्षमता घट जाती है।

जाहिर है, गाद बाढ़ की एक बड़ी वजह है | जानकारों का कहना है, कि अगर नदी बेसिन इलाके में पेड़ लगा कर वाटरशेड मैनेजमेंट किया जाए,

तो नदी में गाद जमा होने की प्रक्रिया बढ़ सकती है| जिससे अंततः बाढ़ का खतरा घटेगा।

      डैम निर्माण के द्वारा रोकथाम:

अब सहायक नदियों के मुहाने पर छोटे जलाशय और चेक डैम बनाने को बाढ़ के रोकथाम के प्रभावी उपाय के रूप में देखा जा रहा है|

इससे सहायक नदियों से आने वाले पानी को नियंत्रित किया जा सकता है| जिससे मुख्य नदी में बाढ़ आने का खतरा घटेगा। चेक डैम छोटे आकार के होते हैं |

इसलिये इनसे पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचता, साथ ही इन पर लागत भी कम आती हैं।

सुझाए जा रहे कुछ अन्य उपाय इस प्रकार हैं-

1- अतिरिक्त पानी को नहरों से दूसरी जगहों तक पहुँचाना |

2- नदी के अपस्ट्रीम में जलाशय बनाना |

3- नदी बेसिन इलाके में पानी जमा कर रखने के उपाय करना |

4- कृत्रिम रूप से जमीन से नीचे के पानी को निकालना ताकि बाढ़ से आने वाले पानी को जमीन सोख लेगा |

आशा करता हूँ कि आपको ये लेख पसंद आया हो | धन्यवाद !

Click Here for More 

Advertisement

5 thoughts on “Bihar Flood | Flood in Bihar 2020 | Bihar flood images |”

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *